जामुन खाने से फायदा Benefits of eating Berries

जामुन खाने से फायदा:
जामुन को अत्यंत  गुणकारी फल उसमें माना जाता है| ग्रीष्म ऋतु में यह सर्वत्र प्राप्त होती है| इसके वृक्ष के पत्ते, छाल तथा फल का गूदा, गुठली आदि सभी अत्यंत लाभकारी है| इसका रंग कुछ कुछ काला, कुछ काला नीला और जामुनी सा होता है| यह आकार में गोल और  लंबूतरी होती है|इसका बहारी छिलका काले रंग का और गुदा सफेद या लाल रंग का होता है| तथा गुठली बेर की गुठली की भांति सफेद रंग की होती है| इसकी कई जातियां और उपजातियां भी देखने को मिल जाती है| बड़ी जामुन स्वादिष्ट, भारी और रुचि कार है| जब की छोटी जामुन का फल भी ऐसा ही होता है| विशेषकर दाह का नाश करता है:










1.खांसी : जिन लोगों को कफ की सदा शिकायत रहती है और जिसके कारण खासी उठती रहती है, उन्हें जामुन की छाल का काढ़ा दोनों समय प्रयोग करना चाहिए| जिससे खासी जल्द ही ठीक हो जाएगी|

2. मधुमेह: यह रोग आजकल बहुत तेजी से जड़ पकड़ता जा रहा है| मूत्र अथवा रक्त में शुगर का आ जाना आज आम बात हो गई है|  इस रोग में जामुन की गुठली का चूर्ण 1 ग्राम दिन में दो बार ताजा पानी से लेने से लाभ होता है| जामुन के कोमल पत्ते 250 ग्राम लेकर उबलते हुए जल में आधा घंटा तक रखने के बाद मसल कर छान लें| फिर इस जल के तीन भाग करके दिन में तीन बार सेवन करें| इस प्रयोग के समय आलू, शक्कर और चावल आदि का प्रयोग बिल्कुल न करें| 10- 10 ग्राम की मात्रा में जामुन का आसव दिन में तीन बार लेने से शीघ्र लाभ होता है |

3.प्यास: यदि  प्यास बहुत अधिक हो और बार-बार पानी से भी दूर ना होती हो| तू जामुन खाने से लाभ होता है| जामुन प्यास शांत में अद्वितीय है|

4. सौंदर्यवर्धक: जिन जवान  लड़कियों या युवतियों के चेहरे पर युवावस्था में फुंसिया, मुहांसे आदि निकल आए, उनके चेहरे की आभा और सौंदर्य जिस कारण नष्ट प्रतीत  होता हो, उन्हें जामुन की गुठली पानी में घिसकर मुंह पर लेप करने से बड़ा लाभ होगा| प्रयोग में गुड,, तेल, खटाई और गरम पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए|



5. स्वप्नदोष: 4 ग्राम जामुन की गुठली का चूर्ण दिन में दो बार सुबह से और शाम लेने से स्वप्नदोष की शिकायत दूर हो जाती है|

6. गर्भवती स्त्री को होने वाले दस्त: जामुन की छाल 10 ग्राम को दो कप पानी में उबालकर चौथाई भाग शेष  रहने पर छान लें| और सौंफ, धनिया तथा भुने हुए जीरे का चूर्ण बनाकर दो 2 ग्राम की मात्रा में उसके साथ सेवन करें|


7. पथरी: पका जामुन फल खाने से पथरी रोग में आराम होता है| अथवा जामुन की गुठली का चूर्ण दही के साथ खाएं|


8. वीर्य का पतलापन:वीर्य पतला हो और जरा सी उत्तेजना से ही बह जाता हूं, या संभोग काल में शीघ्र ही अस्खलित हो जाता  हो, तो उन्हें 5 ग्राम जामुन की गुठली का चूर्ण नित्य शाम को गर्म दूध के साथ लेना चाहिए| इससे भी निकाला हो जाता है और बढ़ता है| शीघ्रपतन का रोग जड़ से मिट जाता है| इसे अधिक समय तक लेना चाहिए तथा पूर्णरूप से ब्रह्मचार्य का पालन करना चाहिए |

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